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एक सवाल राजनेताओं के नाम
* एक सवाल राजनेताओं के नाम * क्या आप जानते हैं? देश मे 545 सांसद लोक सभा के 245 सांसद राज्यसभा के हैं और 4120 विधायक है। कुल मिलाकर हमारे देश में 4910 जनप्रतिनिधि है। अगर यह सारे जनप्रतिनिधि मिलकर अपने व्यक्तिगत खातों में से 5 - 5 लाख ₹ भारत सरकार को दें, जो इतनी बड़ी रकम भी नहीं है इन राजनेताओं के लिए। भैया मैं अमित बाबू किसी पार्टी का सदस्य नहीं हूँ और ना ही किसी राजनेता से मेरा कोई लेना देना है तो आप मुझे तटस्थ ही समझिएगा। अगर हमारे राजनेता अपनी जिम्मेदारी बखुबी निभाए तो भारत देश को कोरोना महामारी से लड़ने के लिए 2,455,000,000 लाख ( 2 अरब 45 करोड़ 50 लाख ) रुपये इकट्ठे हो सकते हैं, जो किसी भी अर्थव्यवस्था को एक नयी दिशा देन...
शुन्य से शिखर तक
शुन्य से शिखर तक हम बचपन से यही सोचते हैं कि आखिर कोई चाय बेचने वाला, अखबर बेचने वाला, मोची, कंडक्टर, श्रमिक अचानक इतने महान कैसे बन जाते हैं कि उन्हें युगों- युगों तक याद रखा जाता है, तो मैंने देखा कि यह अपने कर्मो व अपने लक्ष्यो के प्रति बड़े ईमानदार होते हैं यह लोग अपने समुदाय, समुह, गरीबी का बड़ी गहराई से अध्ययन किए रहते हैं क्योंकि यह कहीं ना कहीं इसी वर्ग से आते हैं और इन्हें यही चीज इनके लक्ष्य की ओर अग्रसर करने में बड़ी भूमिका निभाती है ये लोग सफलता प्राप्ति से पहले ही समाज सेवा और कल्याणकारी कार्यो में लिप्त रहते है। आज हम ऐसे ही एक ईमानदार कर्मठ व्यक्ति की बात करेंगे जिनका नाम राम नाईक जी है जो महाराष्ट्र के रहने वाले हैं यह हमारे राज्य उत्तर- प्रदेश के २४वें राज्यपाल भी हैं इनके जीवन में बहुत सारे उतार चढ़ाव भी आए, जिनके कुछ बिंदुओं पर हम प्रकाश डालेंगे जैसे इनका जीवन अभावो में बीता, इसी से संबंधित कुछ तथ्यों पर प्रकाश डालेंगे। ...


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